"यद्यपि अंतरराष्ट्रीयतावाद समकालीन विश्व राजनीति में एक महत्वपूर्ण शक्ति है, दुनिया भर में महसूस किए गए राष्ट्रवाद के प्रति निरंतर लगाव को देखते हुए, राष्ट्र-राज्य के पतन की बात करना जल्दबाजी होगी।” इस कथन के आलोक में अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्धों में एक कर्ता के रूप में राष्ट्र-राज्य की भूमिका की विवेचना कीजिए। (UPSC 1996,40 Marks,)

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