मानवाधिकारों पर बहस सार्वभौमिकता और सांस्कृतिक सापेक्षवाद दोनों की सीमाओं के बीच फँसी हुई है। टिप्पणी कीजिए।
(UPSC 2024,20 Marks,)
The debate on human rights is caught between the limitations of both universalism and cultural relativism. Comment.
मानवाधिकारों पर बहस सार्वभौमिकता और सांस्कृतिक सापेक्षवाद दोनों की सीमाओं के बीच फँसी हुई है। टिप्पणी कीजिए।
(UPSC 2024,20 Marks,)