भारत ने एक प्रकार की न्यायिक लोकतंत्र को जन्म दिया है

  ● भारत ने एक प्रकार की न्यायिक लोकतंत्र को जन्म दिया है  
    (India has thrown up a form of judicial democracy)
        ○ भारत में न्यायिक प्रणाली का एक अनोखा रूप विकसित हुआ है जो अन्य देशों में नहीं देखा जाता।
        ○ यह प्रणाली न्यायपालिका को लोकतंत्र के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में प्रस्तुत करती है।

  ● जिसकी कोई समानता कहीं और नहीं है  
    (that has no parallel anywhere else)
        ○ भारतीय न्यायिक लोकतंत्र की विशेषताएँ और कार्यप्रणाली विश्व में अद्वितीय हैं।
        ○ यह प्रणाली अन्य देशों की न्यायिक प्रणालियों से भिन्न और विशेष है।

 भारत ने एक प्रकार के नागरिक समाज को पोषित किया है

  ● भारत ने एक प्रकार के नागरिक समाज को पोषित किया है  
    (and has nurtured a kind of civil society)
        ○ भारत में नागरिक समाज का विकास एक विशेष तरीके से हुआ है जो इसे अन्य देशों से अलग बनाता है।
        ○ यह समाज विभिन्न सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक तत्वों का समावेश करता है।

  ● जो विशेष रूप से उसका अपना है  
    (that is uniquely its own)
        ○ भारतीय नागरिक समाज की संरचना और कार्यप्रणाली विशेष रूप से भारतीय संदर्भ में विकसित हुई है।
        ○ यह समाज भारतीय मूल्यों, परंपराओं और विविधताओं का प्रतिनिधित्व करता है। (UPSC 2014,10 Marks,)

“India has thrown up a form of judicial democracy that has no parallel anywhere else, and has nurtured a kind of civil society that is uniquely its own.” (Bhikhu Parekh)