Q 1(e). लोकतंत्र के अभिजन सिद्धान्त को संक्षेप में समझाइये ।
(UPSC 2025,10 Marks,150 Words)
विषय :
लोकतंत्र का अभिजात वर्ग सिद्धांत समझाया गया (Elite Theory of Democracy Explained)
सिलेबस में कहां
:
(लोकतंत्र का अभिजात वर्ग सिद्धांत: शक्ति अभिजात वर्ग द्वारा धारण की जाती है। (Elite theory of democracy: Power held by elites.) राजनीति विज्ञान।)
Explain briefly the elite theory of democracy.
प्रस्तावना
Elite theory of democracy यह सिद्धांत प्रस्तुत करता है कि एक छोटे, विशेषाधिकार प्राप्त व्यक्तियों या अभिजात वर्ग (elites) का समूह एक लोकतांत्रिक समाज में सबसे अधिक शक्ति रखता है, जो अक्सर नीतियों और निर्णयों को आकार देता है। C. Wright Mills और Gaetano Mosca जैसे विचारक तर्क करते हैं कि सच्चा लोकतंत्र एक भ्रम है, क्योंकि अभिजात वर्ग (elites) राजनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों पर हावी होते हैं। यह सिद्धांत समान भागीदारी की धारणा को चुनौती देता है, यह सुझाव देते हुए कि शक्ति उन लोगों के बीच केंद्रित होती है जिनके पास संसाधन और प्रभाव होता है।
लोकतंत्र का अभिजात वर्ग सिद्धांत समझाया गया (Elite Theory of Democracy Explained)
प्रश्न खाली प्रतीत होता है, लेकिन चलिए देखते हैं कि UPSC परीक्षा के प्रश्न को कैसे हल किया जाए, जो अक्सर आलोचनात्मक सोच और विभिन्न विषयों की व्यापक समझ की मांग करता है।
UPSC प्रश्न को हल करते समय, इसे उसके मुख्य घटकों में विभाजित करना आवश्यक है। उदाहरण के लिए, यदि प्रश्न "climate change," जैसे विषय से संबंधित है, तो आपको वैज्ञानिक, आर्थिक और सामाजिक आयामों पर विचार करना चाहिए।
1. वैज्ञानिक पहलू: जलवायु परिवर्तन के कारणों और प्रभावों पर चर्चा करें। उदाहरण के लिए, CO2 और मीथेन जैसे ग्रीनहाउस गैसों की वृद्धि से वैश्विक तापमान में वृद्धि होती है। आप जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर वैज्ञानिक साक्ष्य प्रदान करने वाले Intergovernmental Panel on Climate Change (IPCC) की रिपोर्टों का उल्लेख कर सकते हैं।
2. आर्थिक पहलू: विश्लेषण करें कि जलवायु परिवर्तन अर्थव्यवस्थाओं को कैसे प्रभावित करता है। उदाहरण के लिए, चरम मौसम की घटनाएं बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिससे आर्थिक नुकसान होता है। The Stern Review on the Economics of Climate Change यह बताता है कि निष्क्रियता की लागत निवारक उपायों की लागत से कहीं अधिक है।
3. सामाजिक पहलू: सामाजिक प्रभावों पर विचार करें, जैसे कि कमजोर समुदायों पर असमान रूप से प्रभाव पड़ता है। एक उदाहरण भारत के किसानों पर प्रभाव है, जो अप्रत्याशित मानसून पैटर्न का सामना करते हैं, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित होती है।
4. नीति उपाय: अंतरराष्ट्रीय समझौतों की भूमिका पर चर्चा करें जैसे कि Paris Agreement, जिसका उद्देश्य वैश्विक तापमान वृद्धि को सीमित करना है। राष्ट्रीय नीतियों, जैसे कि भारत की National Action Plan on Climate Change, को भी उजागर किया जा सकता है।
5. उद्धरण और उदाहरण: अपने तर्क को मजबूत करने के लिए प्रासंगिक उद्धरणों का उपयोग करें। उदाहरण के लिए, महात्मा गांधी का उद्धरण, "Earth provides enough to satisfy every man's needs, but not every man's greed," सतत विकास पर जोर देने के लिए उपयोग किया जा सकता है।
इन घटकों में प्रश्न को विभाजित करके और प्रासंगिक उदाहरणों और उद्धरणों का उपयोग करके, आप एक व्यापक उत्तर प्रदान कर सकते हैं जो UPSC परीक्षा की अपेक्षाओं को पूरा करता है।
निष्कर्ष
लोकतंत्र का अभिजात वर्ग सिद्धांत (elite theory of democracy) यह मानता है कि एक छोटा, विशेषाधिकार प्राप्त व्यक्तियों या अभिजात वर्ग का समूह लोकतांत्रिक समाज में सबसे अधिक शक्ति और प्रभाव रखता है, जो अक्सर अपनी रुचियों की सेवा के लिए नीतियों और निर्णयों को आकार देता है। आलोचकों का तर्क है कि यह सच्चे लोकतांत्रिक सिद्धांतों को कमजोर करता है। C. Wright Mills ने "शक्ति अभिजात वर्ग (power elite)" में शक्ति के संकेंद्रण को उजागर किया। आगे बढ़ते हुए, पारदर्शिता को बढ़ावा देना और व्यापक नागरिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना अभिजात वर्ग के प्रभुत्व को संतुलित करने और एक अधिक न्यायसंगत लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है।