Himalayan क्षेत्र और पश्चिमी घाट में भूस्खलन के कारणों में अंतर करें। (UPSC 2021,10 Marks,)

Differentiate the causes of landslides in the Himalayan region and Western Ghats.

प्रस्तावना

भूस्खलन (Landslides) भूवैज्ञानिक खतरे (geological hazards) हैं जो वैश्विक स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा उत्पन्न करते हैं। हिमालय (Himalayas) और पश्चिमी घाट (Western Ghats), दोनों भारत के प्रमुख पर्वत श्रृंखलाएं हैं, जो भूस्खलन की घटनाओं की विभिन्न आवृत्तियों को प्रदर्शित करती हैं। हालांकि, हिमालय में भूस्खलन की घटनाएं पश्चिमी घाट की तुलना में अधिक बार होती हैं।

Explanation

Causes of Landslides in the Himalayan region vs the Western Ghats

Aspect

हिमालयी क्षेत्र

पश्चिमी घाट

Geological Characteristics

युवा और सक्रिय रूप से उठते पर्वत

पुराने, अधिक स्थिर भूवैज्ञानिक विशेषताएँ

Tectonic Activity

उच्च भूकंपीयता (seismicity) और चल रही विवर्तनिक प्रक्रियाएँ (tectonic processes)

कम भूकंपीय गतिविधि, अधिक स्थिर विवर्तनिकी (tectonics)

Main Triggering Factors

विवर्तनिक गतिविधि, भूकंपीय घटनाएँ

तीव्र वर्षा, उष्णकटिबंधीय चक्रवात (tropical cyclones)

Lithology

ढीले और खंडित चट्टानें

अपक्षयित (weathered) और कम सघन चट्टानें। विविध लिथोलॉजी (lithology) के साथ अधिक प्रतिरोधी चट्टानें।

Slope Gradient

कई क्षेत्रों में खड़ी ढलानें

आमतौर पर कोमल ढलानें

Glacial Activities

ग्लेशियल गतिविधियाँ अस्थिरता में योगदान करती हैं

ग्लेशियल गतिविधियों की अनुपस्थिति

Vegetation Cover

उच्च ऊँचाई पर विरल वनस्पति

घनी और विविध वनस्पति आवरण

Human Activities

वनीकरण, सड़क निर्माण

कृषि, शहरीकरण

Land Use Patterns

उच्च ऊँचाई पर सीमित कृषि

व्यापक कृषि और बस्तियाँ

Previous History of Landslides

विनाशकारी भूस्खलनों का इतिहास

अक्सर लेकिन आमतौर पर छोटे घटनाएँ

Risk and Vulnerability

तेजी से बदलते भूभाग के कारण उच्च जोखिम

मध्यम जोखिम, लेकिन स्थानीयकृत प्रभाव

Preventive Measures

संरचनात्मक हस्तक्षेप, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली

वनीकरण, भूमि-उपयोग योजना

निष्कर्ष

हिमालय में भूस्खलन (landslides) की आवृत्ति (frequency) पर टेक्टोनिक (tectonic), भूवैज्ञानिक (geological), और पर्यावरणीय (environmental) कारकों का संयोजन प्रभाव डालता है। पश्चिमी घाट (Western Ghats), अपनी पुरानी भूवैज्ञानिक संरचनाओं (geological formations) और कम गतिशील भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं (geological processes) के साथ, कम भूस्खलन का अनुभव करते हैं।

इन भिन्नताओं को समझना दोनों क्षेत्रों में प्रभावी शमन रणनीतियों (mitigation strategies) को लागू करने के लिए महत्वपूर्ण है, मानव बस्तियों और पर्यावरण पर संभावित परिणामों को ध्यान में रखते हुए।