मानव विकास में दृष्टिकोण एक महत्वपूर्ण घटक है। एक लोक सेवक के लिए आवश्यक उपयुक्त दृष्टिकोण कैसे बनाया जा सकता है
(UPSC 2021,10 Marks,)
Attitude is an important component that goes as an input in the development of a human being. How can a suitable attitude needed for a public servant be built?
प्रस्तावना
एक लोक सेवक का दृष्टिकोण (attitude) महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यह सीधे तौर पर जनता के हित में उनकी सेवा की प्रभावशीलता को प्रभावित करता है।
उपयुक्त दृष्टिकोण (attitude) का निर्माण एक बहुआयामी प्रक्रिया है जिसमें विभिन्न घटक शामिल होते हैं।
Explanation
Developing a Suitable Attitude for Public Servants
1. सेवा-उन्मुख मानसिकता:
जनता की सेवा के महत्व पर जोर दें।
उदाहरण: सार्वजनिक सेवकों को अपने कार्य को नागरिकों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालने के अवसर के रूप में देखना चाहिए, जैसे महात्मा गांधी ने भारत की स्वतंत्रता संग्राम में सार्वजनिक सेवा का दृष्टिकोण अपनाया था।
2. नैतिक और ईमानदारी-प्रेरित व्यवहार:
ईमानदारी, पारदर्शिता और नैतिक आचरण के मूल्यों पर जोर दें।
उदाहरण: सिंगापुर के सख्त भ्रष्टाचार विरोधी उपायों के समान भ्रष्टाचार के लिए शून्य-सहनशीलता नीति को बढ़ावा दें।
3. सहानुभूति और समझ:
जनता की विविध आवश्यकताओं के प्रति सहानुभूति रखने की क्षमता सिखाएं।
उदाहरण: सार्वजनिक सेवकों को नागरिकों की चिंताओं को सक्रिय रूप से सुनना और उनके सामने आने वाली चुनौतियों को समझना चाहिए, जैसा कि फिनलैंड की "Kansalaisneuvonta" (Citizen's Advice) सेवा द्वारा प्रदर्शित किया गया है।
4. अनुकूलता और नवाचार:
विकसित होती सामाजिक आवश्यकताओं के प्रति अनुकूलता को प्रोत्साहित करें।
उदाहरण: एस्टोनिया के ई-गवर्नेंस (e-Governance) मॉडल का अनुकरण करें, जो कुशल सार्वजनिक सेवाएं प्रदान करने के लिए लगातार विकसित होता रहता है।
5. प्रभावी संचार कौशल:
सार्वजनिक सेवकों को स्पष्ट और पारदर्शी रूप से संवाद करने के लिए प्रशिक्षित करें।
उदाहरण: संयुक्त राज्य अमेरिका में "Plain Language Act" यह सुनिश्चित करता है कि सरकारी संचार जनता द्वारा आसानी से समझे जा सकें।
6. टीमवर्क और सहयोग:
सार्वजनिक सेवकों के बीच सहयोग की भावना को बढ़ावा दें।
उदाहरण: जापान की "Ringi" निर्णय लेने की प्रक्रिया सरकारी एजेंसियों के भीतर सहमति और सहयोग पर जोर देती है।
7. संघर्ष समाधान और मध्यस्थता:
सार्वजनिक सेवकों को विवादों और संघर्षों को प्रभावी ढंग से संभालने के कौशल से लैस करें।
उदाहरण: नॉर्वे की ओम्बड्समैन (Ombudsman) संस्था नागरिकों और सरकारी एजेंसियों के बीच संघर्षों को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
8. सतत् सीखना और पेशेवर विकास:
जीवनभर सीखने की प्रतिबद्धता को प्रोत्साहित करें।
उदाहरण: भारत में सिविल सर्विसेज अकादमी (Civil Services Academy) सार्वजनिक सेवकों के कौशल को बढ़ाने के लिए सतत् प्रशिक्षण और विकास के अवसर प्रदान करती है।
9. सांस्कृतिक संवेदनशीलता:
सांस्कृतिक विविधता और संवेदनशीलता की समझ को बढ़ावा दें।
उदाहरण: कनाडा जैसे बहुसांस्कृतिक समाजों में सार्वजनिक सेवकों को विविध समुदायों की प्रभावी सेवा के लिए सांस्कृतिक क्षमता प्रशिक्षण दिया जाता है
निष्कर्ष
सार्वजनिक सेवकों के लिए उपयुक्त दृष्टिकोण विकसित करना सेवा-उन्मुख, नैतिक, सहानुभूतिपूर्ण, अनुकूलनीय और उत्तरदायी मानसिकता को विकसित करना शामिल है। इन मूल्यों और कौशलों को प्रदान करके, सार्वजनिक प्रशासन अपने नागरिकों की विविध आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा कर सकते हैं और सरकारी संस्थानों में सार्वजनिक विश्वास को बढ़ा सकते हैं।